Thursday, 12 June 2008

ये जो देश है मेरा, स्वदेश है मेरा

To be honest, sometimes I remember my country for some weird reasons too. देशी कचरे की याद बहुत आती है।अहा !!! वो गन्दगी वो नाले की बदबू वो करप्शन की किचकिच। ये सब यहाँ कहाँ? वो बस के ड्राइवरों और कंडक्टरोँ की व्यर्थ बातें और उनकी गालियाँ की बौछार की याद बहुत आती है। ये सब यहाँ खोजने से भी नहीं मिलता। इनकी गालियाँ अलग किस्म की हैं ।
It is true all these things represent a bad mad world but afterall they are linked to ‘my’ countrty. However bad they may seem, I’m part of it. That is me. If it is bad I am bad.

1 comment:

Vineet said...

ये सच है.. आखिकार अपने देश की याद दुसरे देश जाकर ही तो आती है!
But I liked the ending of this post..
".. If it is bad I am bad..."